भारत का संवैधानिक विकास  

भारत का संवैधानिक विकास
भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास का काल 1600 ईस्वी से प्रारंभ माना जाता है| रेगुलेटिंग एक्ट1773 ई0. में पारित किया गया| सर्वप्रथम उच्चतम न्यायालय की स्थापना का प्रावधान रेगुलेटिंग एक्ट 1773 के द्वारा किया गया| भारतीय परिषद अधिनियम,1861 के द्वारा भारत के गवर्नर जनरल को अध्यादेश जारी करने की शक्ति प्रदान की गई| 1786 का एमेंडमेंट एक्ट द्वारा भारत के गवर्नर जनरल को अपनी समिति के निर्णय को अस्वीकार करने का अधिकार मिला| भारत सरकार अधिनियम,1858 के तहत भारत के लिए ‘ सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ‘ की नियुक्ति की गई थी| भारत परिषद अधिनियम, 1909 के अधीन अप्रत्यक्ष निर्वाचन के सिद्धांत को मान्यता दी गई| द्वैध- शासन की प्रांतों में पद्धति का आरंभ 1919 ई. में हुआ था| विधायी कार्यों को प्रशासनिक कार्यों से पृथक करने की व्यवस्था चार्टर एक्ट, 1853 के त की गई| भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन को भारत सरकार अधिनियम,1858 के द्वारा समाप्त कर दिया गया| ‘ मिंटो- मार्ले ‘ सुधार भारत परिषद अधिनियम, 1909 को कहा जाता है| महारानी विक्टोरिया को भारत की सामाग्री 1858 ईसवी फ्री में को नियुक्त किया गया| ‘ मिंटो- मार्ले ‘ सुधार बिल 1909 ई. पारित किया गया| मिंटो-मार्ले सुधार का मुख्य उद्देश पृथक निर्वाचन प्रणाली था| मुसलमानों के लिए अतिरिक्त निर्वाचन मंडल मिंटो-मार्ले सुधार,1909 के द्वारा प्रारंभ किया गया| मांटेग्यू- चेम्स फोर्ड सुधार के प्रस्तावों का सार प्रांतों में दोहरी शासन व्यवस्था था| भारत में संघीय व्यवस्था के लिए भारत सरकार अधिनियम,1935 में पहली बार उल्लेख किया गया| भारत सरकार अधिनियम,1919 के तहत प्रत्यक्ष निर्वाचन सिद्धांत को मान्यता दी गई| सर्वप्रथम संविधान सभा के गठन का आश्वासन अगस्त प्रस्ताव के द्वारा दिया गया था| भारत सरकार द्वारा ‘ अगस्त प्रस्ताव ‘ 1940 ईस्वी में पारित किया गया| राजगोपालाचारी फार्मूला 10 जुलाई,1944 ई. को प्रस्तुत किया गया| अधिशासी परिषद के गठन का प्रस्ताव वेवेल योजना के अंतर्गत किया गया था| स्टेफोर्ट क्रिप्स, पेथिक लॉरेंस और ए बी एलेग्जेंडर, कैबिनेट मिशन के 3 सदस्य थे| 1909 के इंडियन कौंसिल एक्ट में सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व की व्यवस्था की गई| बी आर अंबेडकर और महात्मा गांधी के मध्य 1932 हरिजनों के लिए आरक्षण एवं संयुक्त निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दे पर हस्ताक्षरित समझौता पूना समझौता कहलाता है| भारतीयों को वर्ष 1947 में सार्वभौम सत्ता सौंपने की योजना माउंटबेटन योजना के नाम से जाने गए| भारत की आजादी के समय इंग्लैंड में लेबर पार्टी की सरकार थी|

1,853 total views, 1 views today