प्राचीन भारत के प्रमुख राज वंश एवं राजा

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प्राचीन भारत के प्रमुख राज वंश

प्राचीन भारत के प्रमुख राज वंश एवं राजा :प्राचीन भारत में बहुत से राजवंश हुए जिसमे निचे कुछ महत्वूर्ण राजवंश का विवरण निचे दिया जा रहा है-

सन राजवंश वंश कि नींव डालने

वाला  राजा

प्रमुख उपलब्धि
544-493 ई.पू. मगध का विम्बिसार विम्बिसार इसके राज्य को षोडश जनपद कहा जाता था| इस काल में बौद्ध और जैन धर्म का प्रचार – प्रसार सामने आया|
463-364 ई.पू. शिशुनाग वंश शिशुनाग इसे भारत का प्रथम ऐतिहासिक सम्राट कहा जाता है|

 

322-184 ई.पू. मौर्या वंश चन्द्रगुप्त मौर्या इस काल में भारत और विशाल भारतीय साम्राज्य की स्थापना हुई| चंद्रगुप्त को सत्तासीन करने का श्रेय आचार्य चाणक्य को दिया जाता है| यूनानी राजदूत मेगास्थनीज चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में आया था| मेगास्थनीज ने इंडिका पुस्तक की रचना की| नंद वंश का विनाश कर इस वंश की स्थापना हुई थी| इस काल से कुछ वर्ष पूर्व यूनानी आक्रमणकारी सिकंदर का भारत आगमन हुआ था|
20-120 ई. कुषाण वंश कुषाणवंशी राजाओ द्वारा इस वंश का महान शासक कनिष्क था| इस वंश के अन्य राजाओं के बारे में जानकारी का अभाव है|| कनिष्क ने शक संवत चलाया| चरक नामक ऐतिहासिक प्रसिद्ध वैध कनिष्क के शासन काल में था| जिसने ‘चरक संहिता’ की रचना की|
320-345 ई. गुप्त वंश चन्द्रगुप्त प्रथम काल को भारत का स्वर्ण काल कहा जाता है| इस वंश के एक प्रतापी राजा चंद्रगुप्त भारत का नेपोलियन कहा गया है| चीनी यात्री फाह्यान, चंद्रगुप्त द्वितीय अर्थात विक्रमादित्य के समय में भारत आया| इस के दरबार में कालिदास, आर्यभट्ट, वराहमिहिर, ब्रह्मगुप्त, धनवंतरी आदि विद्वान थे|
606-647 ई. वर्धन वंश हर्षवर्धन हर्षवर्धन इतिहास का राजा हुआ| इसके अपने शौर्य और बाहुबल से | एक नए राजवंश की नींव डाली और कुशलतापूर्वक शासन किया| किसके शासनकाल में राजकवि ‘बाणभट्ट’ थे जिन्होंने ‘हर्षचरितम्’ नामक पुस्तक लिखी| चीनी यात्री हेनसांग हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत आया था|
450-1189 ई. चालुक्य वंश चूलिक नामक गुर्जर के द्वारा इस वर्ष के अंत में तीन भाग हो गए-

1. मैसूर के होयसल

2. देवगिरि के यादव

3. वारंजल के काकतीय|

 

575-600 ई. पल्लव वंश सिंह विभु इस वंश का अंतिम राजा नंदिवर्धन था| चोल वंश द्वारा इसका राज हरपा गया|
907-1300 ई. चोल वंश परंत्रोत प्रथम तंजौर का शिव मंदिर किस राज्य काल की सभ्यता का प्रतीक है|
650-020 ई. राष्ट्रकूट वंश राष्ट्रकूट वंश कृष्ण राय प्रथम इस वंश का प्रतापी राजा था| ऐलेंग का प्रसिद्ध कैलाश मंदिर इसी वंश के द्वारा बनवाया गया था|

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