निर्वाचन आयोग (Election Commission)

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निर्वाचन आयोग (Election Commission)

भारत में प्रथम चुनाव 1951-52 में हुआ था| भारत के प्रथम निर्वाचन आयोग के चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन थे| भारत के निर्वाचन पद्धति इंग्लैंड देश के निर्वाचन पद्धति के अनुरूप है| भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 में निर्वाचन आयोग का वर्णन है| भारत के मतदाताओं के पंजीयन का उत्तरदायित्व निर्वाचन आयोग पर है| मुख्य निर्वाचन आयोग निर्वाचन आयोग का चेयरमैन कहलाता है| भारत में मुख्य निर्वाचन आयोग की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा किया जाता है| निर्वाचन आयोग राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति एवं लोकसभा व चुनाव के लिए अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण का कार्य करती है| मुख्य चुनाव आयुक्त परिसीमन आयोग का अध्यक्ष होता है|  संसद द्वारा मुख्य निर्वाचन आयोग तथा अन्य निर्वाचन आयुक्त की सेवा शर्तों से संबंधित अधिनियम 1991 में पारित हुआ था| निर्वाचन आयोग की सहायता के लिए प्रादेशिक निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा किया जाता है| भारत के विभिन्न राजनीतिक दलों को राष्ट्रीय या क्षेत्रीय दल का दर्जा देने का अधिकार चुनाव आयोग का है| समय के पूर्व होने से पहले ही जब लोकसभा भंग हो जाए तो मध्यावधि चुनाव किया जाता है| भारत में पहली बार महिलाओं को मताधिकार 1926 प्राप्त हुआ| भारत में मतदान की न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष है| भारत में मतदान की आयु सीमा को 21 वर्ष से घटाकर 18  1988ई. में किया  गया| मतदान प्रारंभ होने से 48 घंटे पहले चुनाव क्षेत्र में चुनाव प्रचार बंद करना होता है| एक व्यक्ति अधिक से अधिक दो निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ सकते हैं| किसी निर्वाचन के दौरान किसी राजनीतिक दल के उम्मीदवार की मृत्यु हो जाने की स्थिति में 7 दिनों के अंदर दूसरा प्रत्याशी खड़ा करना पड़ता है| मुख्य निर्वाचन आयोग पदावधि 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक होती है| अन्य निर्वाचन आयुक्त अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को देते हैं| दिनेश गोस्वामी समिति का संबंध निर्वाचन सुधार से है| मुख्य निर्वाचन आयुक्त को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की भांति पद से पद किया जा सकता है|

केंद्र राज्य संबंध

भारतीय संविधान के अंतर्गत संघ और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन कनाडा के प्रेरणा पर आधारित है| सोवियत संघ का अनुसरण करते हुए भारत का संविधान ” राज्यों का संघ” शब्दावली का प्रयोग करता है| संघ सूची, राज्य सूची तथा समवर्ती सूची का विस्तृत उल्लेख संविधान की सातवीं अनुसूची में किया गया है| भारतीय संविधान में तीनों सूचियों से संबंधित व्यवस्था भारत सरकार अधिनियम, 1935 से ली गई है| सरकारी आयोग की सिफारिश का संबंध केंद्र और राज्यों के बीच संबंधों से हैं| केंद्र राज्य संबंध पर 1971 में राजमन्नार समिति तमिलनाडु राज्य के द्वारा गठित की गई थी| भारतीय संविधान में राज्य की शक्तियां एवं को तीन सूची में  बांटा गया है| भारतीय संविधान में केंद्र के पास अवशिष्ट अधिकार है| भारतीय संविधान के अनुसार अवशिष्ट शक्तियां संघीय संसद को सौंपी गई है| अवशिष्ट विषयों पर विधि निर्माण का अधिकार संघ को प्राप्त है| संघ सूची के विषय पर विधि निर्माण का अनन्य अधिकार संसद को प्राप्त है| राज्य सूची के विषयों पर विधि निर्माण का अधिकार राज्य विधानमंडल को प्राप्त है| समवर्ती सूची  के किसी विषय पर राज्य विधानमंडल द्वारा निर्मित अधिनियम, उसी विषय पर संसदीय अधिनियम परस्पर विरोधी हो तो, संसदीय अधिनियम राज्य अधिनियम पर मान्य होगा| आपातकाल की स्थिति में, राज्य में संवैधानिक तंत्र की असफलता की स्थिति में, अंतरराष्ट्रीय संधि को लागू करने की स्थिति में भी संसद राज्य सूची के विषयों पर विधि निर्माण कर सकती है| केंद्र राज्य संबंधों पर विचार करने के लिए सरकारिया आयोग का गठन 1983 ईस्वी में हुआ था| समवर्ती सूची में लिखें विषयों पर अधिनियम बनाने का अधिकार राज्य एवं संघ दोनों के पास है| मूल संविधान में संघीय सूची 97 थे| वर्तमान में संघ सूची 99 है| मूल संविधान में राज्य सूची 66 थे वर्तमान में राज्य सूची 61 हैं| मूल संविधान में समवर्ती सूची के अंतर्गत 47 विषय वर्तमान में समवर्ती सूची में 52 विषय हैं| पंचायती राज राज्य सूची के विषय हैं| भूमि सुधार राज्य सूची के विषय के अंतर्गत आते हैं| आर्थिक नियोजन समवर्ती सूची का विषय है| शिक्षा समवर्ती सूची के अंतर्गत समाविष्ट हैं| जनगणना संघ सूची के अंतर्गत समाविष्ट हैं| रक्षा एवं सामाजिक बीमा समवर्ती सूची के विषय हैं| शिक्षा को 42वें संविधान संशोधन के द्वारा राज्य सूची से हटाकर समवर्ती सूची में शामिल किया गया| लोक स्वास्थ्य राज्य सूची के विषय के अंतर्गत आते हैं| वन समवर्ती सूची के विषय के अंतर्गत आते हैं| विवाह, कल्याण, बीमा, आर्थिक, एवं सामाजिक योजना समवर्ती सूची के विषय है| मुद्रा, प्रतिरक्षा, बैंक, प्रादेशिक मामले, डाक तार, नागरिकता, जेल आदि संघ सूची के विषय है| 42वें संविधान संशोधन के द्वारा वन, शिक्षा, प्राणियों का संरक्षण और नापतौल  को राज्य सूची से निकाल कर समवर्ती सूची में स्थानांतरण कर दिया गया| पुलिस, न्याय, कृषि, सिंचाई राज्य सूची के अंतर्गत आते हैं| सीमा कर संघ सूची का विषय है| 42वें संविधान संशोधन के द्वारा जनसंख्या नियंत्रण को समवर्ती सूची में जोड़ दिया गया| केंद्र और राज्य के बीच वैधानिक शक्तियों का बंटवारा सातवीं अनुसूची में दिया हुआ है|

 

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